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रविवार, 19 जून 2016

सम्राट अशोक की कुछ रहस्यमयी बातें, जिन्हें नहीं जानते लोग !

अखंड भारत के राजा रहे सम्राट अशोक के बारे में रहस्य से भरी कई जानकारियाँ ऐसी है जो लोगों को ज्ञात नहीं है ! अखंड भारत की स्थापना करने वाले प्रथम सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य के पौत्र व अंतिम सम्राट बिन्दुसार के दुसरे पुत्र अशोक ही मौर्य वंश के अंतिम शासक हुए !

इतिहास में गुप्तवंश या जिसे मौर्य वंश भी कहा जाता है भारत का सबसे बड़ा साम्राज्य हुआ ! मौर्यवंश के दौरान ही भारत अपने स्वर्णिम दौर में ठा और जब सम्राट अशोक ने राज्य सम्भाला तो भारत उस वक़्त दुनिया का सबसे समृद्ध देश हुआ करता था !

सम्राट बिन्दुसार और रानी सुभ्द्रांगी के पुत्र अशोक को अपने सम्राट बनने के मार्ग में खुद के भाइयों से कई बार युद्ध करने पड़े थे, लेकिन सम्राट अशोक के शासन ने ही भारत को विश्वशक्ति के रूप में प्रस्तुत किया था ! सम्राट अशोक को देवनाप्रिय भी कहा जाता है !

देवनाप्रिय का अर्थ होता है देवों का अप्रिय होना ! सम्राट अशोक को सम्पूर्ण भारतीय इतिहास का सबसे क्रूर शासक माना जाता है अतः उन्हें देवनाप्रिय कहा जाने लगा ! लेकिन कलिंग में हुए सबसे क्रूर युद्ध के पश्चात सम्राट अशोक ने अहिंसा की और कदम बढ़ा कर बौध धर्म को स्वीकार कर लिया !

अपने शासनकाल के दौरान सम्राट अशोक ने कई ऐसे कार्य किये जो रहस्यमयी थे और जिनकी जानकारी लोगों को नहीं है ! सम्राट अशोक के द्वारा किये गए ऐसे ही रहस्यमयी कार्यों को जानते है –
पहला रहस्य, जानकर चौंक जाएंगे...

सम्राट अशोक के 9 रहस्यमयी सलाहकार :

9 रत्न रखने की परंपरा की शुरुआत सम्राट अशोक और उज्जैन सम्राट प्रथम राजा विक्रमादित्य से मानी जाती है ! उनके ही अनुसार बाद के राजाओं ने भी इस परंपरा को निभाया ! अकबर ने अपने दरबार में 9 रत्नों की नियुक्ति सम्राट अशोक के जीवन से प्रेरित होकर ही की थी !

अकबर ने अशोक की लगभग सभी नीतियां अपनाई थीं जिसके चलते उन्हें महान घोषित किया जा सकता था। ! इतिहासकारों ने ऐसा किया भी ! हालांकि अकबर ने किसी अन्य धर्म को अपनाने के बजाए खुद ही एक नया धर्म चलाने का प्रयास किया और वे उसके संस्थापक बन बैठे ! किसी की नकल करके कोई कैसे महान बन सकता है?
कुछ लोग कहते हैं कि अशोक के साथ ऐसे 9 लोग थे, जो उनको निर्देश देते थे जिनके निर्देश और सहयोग के बल पर ही अशोक ने महान कार्यों को अंजाम दिया ! ये 9 लोग कौन थे इसका रहस्य आज भी बरकरार है ! क्या वे मनुष्य थे या देवता?
दूसरा रहस्य...

9 रत्नों की गुप्त पुस्तक:

अब सवाल यह उठता है कि सम्राट अशोक के साथ वे कौन 9 लोग थे जिनके बारे में कहा जाता है कि उनमें से प्रत्येक के पास अपने-अपने ज्ञान की विशेषता थी अर्थात उनमें से प्रत्येक विशेष ज्ञान से युक्त था और अंत में सम्राट अशोक ने उनके ज्ञान को दुनिया से छुपाकर रखा !

वे ही लोग थे जिन्होंने बड़े-बड़े स्तूप बनवाए और जिन्होंने विज्ञान और टेक्नोलॉजी में भी भारत को समृद्ध बनाया ! कहा जाता है कि उनके ज्ञान को एक पुस्तक के रूप से संग्रहीत किया गया था ! जिस पुस्तक को किसी विशेष व्यक्ति को सुपुर्द किया गया, उसने पीढ़ी-दर-पीढ़ी उस पुस्तक या उसके ज्ञान को आगे फैलाया ! हालांकि यह रहस्य आज भी बरकरार है !

तीसरा रहस्य...

नौ रत्नों का कार्य :

ऐसा माना जाता है कि सम्राट अशोक ने प्रमुख 9 लोगों की एक ऐसी संस्था बनाई हुई थी जिन्हें कभी सार्वजनिक तौर पर उपस्थित नहीं किया गया और उनके बारे में लोगों को कम ही जानकारी थी ! यह कहना चाहिए कि आमजन महज यही जानता था कि सम्राट के 9 रत्न हैं जिनके कारण ही सम्राट शक्तिशाली है !
इन रहस्यमय 9 लोगों का कार्य ऐसी जानकारियों की विद्या को बचाकर रखना था, जो अगर किसी के हाथ लग जाए तो सृष्टि का विनाश कर सकती है !

बहुत से लोगों का मानना था कि सम्राट अशोक की यह रहस्यमय संस्था धरती पर मौजूद अन्य किसी भी संस्था से ज्यादा शक्तिशाली थी जिसमें बेहतरीन वैज्ञानिक और विचारक शामिल थे !
चौथा रहस्य...

अशोक का निधन कहां हुआ? :

यह तो पता चलता है कि सम्राट अशोक का निधन 232 ईसा पूर्व हुआ था लेकिन उनका निधन कहां और कैसे हुआ यह थोड़ा कठिन है !

तिब्बती परंपरा के अनुसार उसका देहावसान तक्षशिला में हुआ ! उनके एक शिलालेख के अनुसार अशोक का अंतिम कार्य भिक्षु संघ में फूट डालने की निंदा करना था ! संभवत: यह घटना बौद्धों की तीसरी संगीति के बाद की है ! सिंहली इतिहास ग्रंथों के अनुसार तीसरी संगीति अशोक के राज्यकाल में पाटलिपुत्र में हुई थी !
पांचवां रहस्य...

भारत की अर्थव्यवस्था :

नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री डॉ. अमर्त्य सेन के अनुसार 'सम्राट अशोक के काल में दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत की भागीदारी 35% थी और सम्राट अशोक के काल में भारत जागतिक (ग्लोबल) महाशक्ति था !' जब मुगल और अंग्रेज आए, तब तक भारत की भागीदारी 23% थी और जब 1947 में



Posted by nlparmar

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